Social Activity BSP
अगरतला (Social Activity BSP)। केंद्रीय विद्युत एवं आवासन-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को त्रिपुरा में बिजली क्षेत्र और शहरी विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए राज्य में ऊर्जा व्यवस्था को अधिक मजबूत, आत्मनिर्भर और उपभोक्ता केंद्रित बनाने पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में बिजली आपूर्ति सुधार, स्मार्ट मीटरिंग, सौर ऊर्जा विस्तार और शहरी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई।
अगरतला में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में माणिक साहा, राज्य के विद्युत मंत्री, त्रिपुरा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय विद्युत मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और बिजली क्षेत्र से जुड़े केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSE) के अधिकारी मौजूद रहे।
डिस्कॉम सुधार और बिजली घाटा कम करने पर फोकस
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने राज्य के विद्युत विभाग और बिजली क्षेत्र की सार्वजनिक इकाइयों के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना पर जोर दिया। इस दौरान पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत बिजली वितरण कंपनियों (DISCOM) के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा की गई।
मनोहर लाल ने समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक (AT&C) घाटे को कम करने, राजस्व संग्रह बेहतर करने और बिजली वितरण कंपनियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से सरकारी विभागों और संस्थानों में लगे बिजली मीटरों को प्रीपेड मीटर में बदलने की जरूरत बताई, ताकि बकाया भुगतान और राजस्व नुकसान की समस्या कम हो सके।
स्मार्ट मीटरिंग को लेकर तय हुई समयसीमा
राज्य में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसे तेजी से लागू करने की सलाह दी। त्रिपुरा सरकार ने अगस्त 2026 तक सरकारी उपभोक्ताओं के मीटरों को प्रीपेड में बदलने और जुलाई 2027 तक स्मार्ट मीटरिंग के शेष कार्य पूरे करने की प्रतिबद्धता जताई है।
सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में पीएम-कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्र सरकार ने राज्य को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी, ताकि दूरस्थ और कम सुविधायुक्त क्षेत्रों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाई जा सके।
राज्य सरकार ने मार्च 2027 तक दो लाख उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया है। इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भी कमी आने की उम्मीद है।
बढ़ती मांग के अनुसार बढ़ेगी ट्रांसमिशन क्षमता
केंद्रीय मंत्री ने राज्य की ऊर्जा संसाधन पर्याप्तता योजना और अंतर-राज्यीय पारेषण (ट्रांसमिशन) नेटवर्क की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि बढ़ती बिजली मांग के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
त्रिपुरा सरकार ने संसाधन पर्याप्तता योजना के तहत अंतर-राज्यीय बिजली पारेषण ढांचे के तेज विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
केंद्र का सहयोग जारी रहेगा
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार त्रिपुरा के समग्र विकास और बिजली क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण में हरसंभव सहयोग देती रहेगी। वहीं मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य में स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने और बिजली क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद





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